अंधेरे का उजला पक्ष:द्विआयामी स्कूल खुला है, क्या भला, क्या बुरा है

विद्यालय, शिक्षा के केंद्रों के स्वरूप को कोरोना ने बिलकुल बदल दिया।,सजीव स्कूल द्विआयामी स्क्रीन पर आ गए। उसके बाद -जितने लोग, उतने अनुभव।

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