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Showing posts from June, 2020

टिंडे को पनीर में मिलाकर बनाएं या रोस्ट करें, इससे बनी ये 3 डिशेज घर में सबको आएंगी पसंद

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टिंडे कई लोगों को बेस्वाद और बोरियत भरी सब्जी लगती है। पर इसे बनाने की कुछ ऐसी रेसिपी हैं जो सबको पसंद आसकती है। इस तरह ये आम सब्जी भी खास और टेस्टी बनेगी।इसकी ये तीन रेसिपी ट्राय करके देखें। पनीर टिंडे क्या चाहिए... टिंडे- 250 ग्राम पनीर-50 ग्राम जीरा- आधाछोटा चम्मच नमक- स्वादानुसार हल्दी- आधाछोटा चम्मच धनिया पाउडर- 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर- 1 छोटा चम्मच सौंफ दरदरी- आधाछोटा चम्मच, अमचूर पाउडर-आधा छोटा चम्मच, अदरक- 1 इंच बारीक कटा हुआ हरी मिर्च- 1 बारीक कटी हुई तेल- 1 बड़ा चम्मच ऐसे बनाएं... - टिंडे छील लें और ऊपर का हिस्सा ढक्कन की तरह गोलाई में काट लें। पीलर से टिंडे के अंदर का गूदा निकाल दें। कटा हुआ ऊपरी गोल हिस्सा टिंडे के ऊपर ढक्कन की तरह रखें। इसी प्रकार सभी टिंडों का गूदा निकालें। - अब भरावन की सामग्री तैयार करने के लिए कड़ाही में ज़रा-सा तेल डालकर जीरा तड़काएं। फिर अदरक, हरी मिर्च, टिंडों का गूदा और पनीर डालकर चलाएं। नमक और सभी मसाले डालकर अच्छी तरह से मिलाएं और भूनें। मसाला ठंडा करके टिंडों में भर लें। हर टिंडे का कटा हुआ ऊपरी गोल हिस्सा टिंडों के ऊपर ढक्कन...

अगर पति ने पत्नी को छोड़ दिया है या तलाक दे दिया है, तो महिलाएं धारा 125 के तहत गुजारा भत्ते की मांग कर सकती हैं

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जब परिवार में कमाने वाला एक ही व्यक्ति हो और वो भी अपनों की ज़िम्मेदारियों से मुंह मोड़ ले, तो परिजन कहां जाएं? इन हालातों मेंबच्चों की पढ़ाई, घर और अन्य सदस्यों की ज़रूरत के ख़र्चों की ज़िम्मेदारी घर की महिला पर ही आ जाती है, तो उसे दोहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान परिवार को आर्थिक संबल की आवश्यकता होती है। इसी आर्थिक सुरक्षा की व्यवस्था क़ानून ने गुज़ारा भत्ते के रूप में की है। कहने को यह पारिवारिक मामला है, लेकिन ये आपका हक़ भी है। क्या होता है गुज़ारा भत्ता, आइए विस्तार से जानते हैं। क्या कहता है क़ानून गुज़ारा भत्ता अधिनियम धारा 125 का उपयोग अधिकांशत: भारतीय विवाहित स्त्रियों द्वारा ही किया जाता है। अगर पति ने पत्नी को छोड़ दिया है या तलाक़ दे दिया है, तो महिलाएं धारा 125 के तहत हक़ मांग सकती हैं। अगर घर पर रहने के बावजूद कमाने वाला व्यक्ति परिवार की ज़िम्मेदारी लेने से मना करता है, तब भी इस अधिनियम के तहत पत्नी, बच्चे, बूढ़े माता-पिता का जीवनभर भरण-पोषण करना कमाने वाले व्यक्ति या पति की ज़िम्मेदारी है। गुज़ारा भत्ता बढ़ाया जा सकता है परिवार को भरण-पोषण के तौर पर कितना भुगता...

ढलती उम्र में मां बनने का सपना पूरा करने की कारगर तकनीक, 32 से 40 साल की उम्र के बीच फ्रीज करवा सकते हैं अंडे

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लाइफस्टाइल में बदलाव, पढ़ाई व कॅरिअर के बदलते माहौल और देर से शादी होने की वजह से कंसीव करनेकी उम्र बढ़ती जा रही है। कई युवतियां एक निश्चित उम्र तक सही पार्टनर न मिल पाने की वजह से भी सिंगल रह जाती हैं। फिर सही पार्टनर मिल जाने पर जब शादी होती है तो कंसीव कर पाने की उम्र लगभग निकल जाती है।इन महिलाओं द्वारा बढ़ती उम्र में कंसीव करने का सपना सच करने में फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन तकनीक ''सोशल एग फ्रीजिंग'' कारगर साबित हो रही है। तेजी से अपनाया जा रहा है हमारे समाज में लोगों की आधुनिक होतीसोच की वजह से इस तकनीक को तेजी से अपनाया जा रहा है।मेट्रो सिटीज के अलावा छोटे शहरों में भी एग फ्रीजिंग का ट्रेंड चल रहा है। गुड़गांव के क्लाउडिन ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल की क्लीनिकल डायरेक्टर, फर्टिलिटी डॉ. बीना मुकेश इस बारे में बताती हैं कि महिलाओं में बढ़ती उम्र में फर्टिलिटी प्रॉब्लम को रोकने में ये तकनीक इफेक्टिव है। परिपक्व अंडे निकाले जाते हैं सोशल एग फ्रीजिंग के तहत अंडाशय से परिपक्व अंडे निकाले जाते हैं। फिर इन्हेंफ्रीज करके भविष्य में उपयोग के लिए रख दिया जाता है। इस प्रकार फ्रीज हुए अंडो...

जन्नत जुबैर, गरिमा चौरसिया, अर्शिफा खान, अवनीत कौर और समीक्षा सूद हैं भारत की टॉप 5 टिक टॉक स्टार, जन्नत हर महीने कमाती हैं 20 लाख से ज्यादा

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टिक टॉक पर15 सेकेंड वीडियो बनाकर टिक टॉक स्टार कहलाना गर्ल्स के बीच पिछले कुछ सालों में खूबपाॅपुलर हुआ।अपनी क्रिएटिविटी को दर्शाने वाली इन स्टार्सके टिक टॉक परलाखों फॉलोअर्स हैं। टिक टॉक के अलावा ये इंस्टाग्राम और यू ट्यूबपर भी काफी एक्टिव रहती हैं। जन्नत जुबैर रहमानी टिकटॉक पर जितनी फेमसजन्नत जुबैर रहमानी हैं, उतने ही उनके भाई अयान भी हैं। अयान सिर्फ11 साल की उम्र में अपनी बहन के साथ टिक टॉक पर छाए रहते हैं।इतनी सी उम्र में ही उनके इंस्टाग्राम पर 7 लाख से भी ज्यादा फॉलोअर्स हैं। जन्नत टीवी सीरियल फुलवा में लीड रोल निभा चुकी हैं।इंस्टाग्राम पर उनके 1.2 करोड़से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। फैन फॉलोइंग : 13 लाख इनकी कमाई : 20 लाख रुपए प्रति माह गरिमा चौरसिया गरिमा ने जब से टिक टॉक पर अपना डांस वीडियो 'बहुत हार्ड'पोस्ट किया है, तब से उन्हें 'बहुत हार्डगर्ल' के नाम से जाना जाता है। इंस्टाग्राम पर उनके 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।गरिमा ने पंजाबी गानों में भी काम किया है। इसके अलावा वेमॉडलिंग भी करती हैं। इंस्टाग्राम पर उन्हें गीमा_आशी के नाम से पहचाना जाता है। वे पंचामृत...

बालों को मजबूती देता है प्रोटीन

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बालों को मजबूती देता है प्रोटीन https://ift.tt/2VrIF6Q अच्छी पर्सनैल्टी के लिए सिर पर खूबसूरत बाल होना बहुत जरूरी है। बालों को मजबूत और सुंदर बनाने के लिए लोग कई तरह के जतन करते हैं। बालों की मजबूती के लिए प्रोटीन लाभदायक होता है। प्रोटीन बालों के विकास में अहम भूमिका निभाता है। इंसान के बालों में करीब 65 से 95 फीसदी प्रोटीन होता है। बालों के रोम छिद्रों को बनाने, रिपेयर और इसके ऊत्तकों को बनाए रखने के लिए प्रोटीन और अन्य पोषक तत्त्वों जैसे विटामिन और आयरन आदि जरूरी हैं। क्लिनिकल न्यूट्रीशनिस्ट के मुताबिक 'उचित मात्रा में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्त्वों से मिश्रित आहार बालों को अंदर से पोषण देता है। जानें कैसे रखें इनका खयाल- बालों का टूटना व बेजान होना शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर बालों का विकास रुक जाता है। ऐसी स्थिति में बाल पतले और नाजुक हो जाते हैं जिससे ये आसानी से टूटने लगते हैं। बालों में अंडा लगाएं । भोजन में प्रोटीन वाली चीजें शामिल करें। June 29, 2020 at 10:32PM Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://www.patrika.com/

हाउस वाइफ शेयर ट्रेडिंग को बना सकती हैं अपनी कमाई का जरिया, इसकी ट्रेनिंग लेकर पा सकती हैं कामयाबी

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पैसा कमाना ऐसा मामला है जिसको लेकर किसी के बारे में यह नहीं कहा जा सकता है कि अब बहुत देर हो चुकी है। जहां तक गृहिणियों की बात है तो उनके पास एक और एडवांटेज है। गृहिणियों के पास फुल टाइम जॉब करने वालों की तुलना में सीखने के लिए ज्यादा समय होता है। अगर इस फ्री-टाइम में महिलाएं शेयर ट्रेडिंग सीखें तो अपने लिए पैसे कमाने का अवसर पैदा कर सकती हैं। एडिटर इंडिया, फोर्ब्स एडवाइजर आशिका जैन बता रही हैं हाउस वाइफ को इस काम में कैसे मिल सकती है सफलता : 1. शेयर ट्रेडिंग को अकसर ब्रोकरेज हाउसेज की विशेषज्ञता के तौर पर देखा जाता है। निजी स्तर पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग को काफी कठिन माना जाता है। लेकिन, जिनकी गणित में रुचि है और जिन्हें नंबर के साथ प्रयोग करना पसंद है, उनके लिए शेयर ट्रेडिंग गेम चेंजर साबित हो सकती है। 2. माना जाता है कि महिलाओं का भावनात्मक पक्ष पुरुषों से बेहतर होता है। अगर इस मजबूत पक्ष को बुद्धिमता से जोड़ा जाए तो स्टॉक ट्रेडिंग में अच्छी सफलता हासिल की जा सकती है। कई ऐसे एप मौजूद हैं जिनकी मदद से महिलाएं ट्रेडिंग की शुरुआत कर सकती हैं। 3. किसी भी ब्रोकरेज हाउस के एप के जर...

कोरोना काल में श्रीनगर की गरीब महिलाओं को फ्री सैनिटरी किट बांट रही हैं इरफाना जर्गर, अपनी सैलरी का बड़ा हिस्सा इस काम में करती हैं खर्च

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श्रीनगर निवासी 34 वर्षीय इरफाना जर्गर कोरोना महामारी के दाैरानशहर की महिलाओं को फ्री में सैनिटरी किट्स वितरित करती हैं। श्रीनगर की गरीब महिलाओं के लिए इरफाना द्वारा किए जा रहे इस काम की सराहना की जारही है। इवा सेफ्टी डोर के नाम से महिलाओं को बांटे जानी इस किट में सैनिटरी प्रोडक्ट्स जैसे सैनिटरी पैड्स, हैंड वॉश और सेनिटाइजर होता है। इरफाना कहती हैं मैं अपनी सैलरी का बड़ा हिस्सा हर महीने गरीब महिलाओं को सैनिटरी पैड्स देने में खर्च करती हूं। मैं चाहती हूं कि इस काम में अन्य महिलाएं भी आगे आएं। चैरिटी का येजरिया सबसे अच्छा निजी क्षेत्र में कार्यरत इरफाना अपनीयहपहल दिवंगत पिता गुलाम हसन जर्गरको समर्पित करती हैं। उन्होंने इस काम की शुरुआत अपने कॉलेज के दिनों में उस वक्त की जब वे देखती थीं कि उनके साथ पढ़ने वाली कई लड़कियां गरीबी की वजह से सैनिटरी पैड्स भीनहीं खरीद पाती थीं। इरफाना कहती हैं चैरिटी का से जरिया सबसे अच्छा है। मैं उन सभी लोगों का स्वागत करती हूं जो मेरे इस काम को बढ़ावा देने में मदद करना चाहते हैं। वे श्रीनगर के हर पब्लिक टॉयलेट में सैनिटरी पैड्स रखना चाहती हैं ताकि हर महिलाको ...

कम विकसित देशों में स्मार्टफोन बना महिलाओं की ताकत, गर्भनिरोधक और एचआईवी से जुड़ी जानकारी के मामले में रहती हैं आगे

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कम विकसित देशों में रहने वाली वे महिलाएं जो मोबाइल चलाना जानती हैं, अपने फैसले खुद लेने में अन्य महिलाओं से आगेहैं। हाल ही में हुई स्टडी के अनुसार महिलाओं को आगे बढ़ाने में मोबाइल की पर्याप्त जानकारीकारगर हो रही है। सोशल डेवलपमेंट की ओर इशारा मेक गिल यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड और बोकोना यूनिवर्सिटी की रिसर्च के अनुसार कम विकासशील देशों में रहने वाली महिलाएं मोबाइल फोन कोअपने विकास के लिए इस्तेमाल करती हैं। नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार 1993 और 2017 में 209 देशों में की गई रिसर्च के अनुसार महिलाओं के पास मोबाइल होना ग्लोबल सोशल डेवलपमेंट की ओर इशारा करता है। विकास बढ़ाया जा सकता है इसी के सहारे बेहतर स्वास्थ्य, लैंगिक समानाता और गरीबी कम करने जैसे महत्वूपर्ण कामों के विकास को बढ़ाया जा सकता है। महिलाओं के पास मोबाइल होने से वे किस तरह सशक्त बन सकतीहैं, ये जानने के लिए लेखक ने 100,000 यूथोपिया, एंग्लो, बरूंडी, मालावी, तंजानिया, यूगांडा और जिम्बाब्वे की महिलाओं पर अध्ययन किया। हालांकि ये सभी ऐसे स्थान हैं जहां फर्टिलिटी की दर कम है। यहां गर्भवती महिलाओं...

रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ा जेंडर गैप, महिलाओं की आर्थिक स्थिति हुई पहले से बदतर 

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कोरोना महामारी सेपहले भी भारत में महिलाएं रोजगार, वेतन और शिक्षा जैसे मुद्दे को लेकरलैंगिकअसनामता झेल रहीं थीं।ऐसे मेंकोविड-19 के प्रभाव ने भारत की आर्थिक स्थिति को बुरी तरह से प्रभावित किया है। ब्यूटी सैलून में काम करना पड़ा अगर हम बात उत्तराखंड की25 साल वर्षीयआशा शर्मा की करें तो आशापांच साल पहले उत्तराखंड से दिल्ली डांस के सहारे अपना कॅरिअर संवारने आईं थीं। उनका ये सपना उस वक्त टूटा जब बेहतरीन डांस करने के बाद भी उन्हें दिल्ली के किसी डांस ट्रूप में जगह नहीं मिली। उत्तराखंड से यहां आने तक की गई उनकी मेहनत असफल रही। आखिर दो वक्त की रोटी के लिए उन्हें एक ब्यूटी सैलून में काम करना पड़ा। इस सैलून में आशा को 12,000 रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता था। इसमें से कुछ पैसा वो अपनी मां के लिए भेजती थी। अकेले घर चलाना भी मुश्किल हो गया जब से आशा के पिता इस दुनिया से चले गए तो उनकी मां के लिए अकेले घर चलाना भी मुश्किल हो गया। आशा की मुश्किलें उस वक्त बढ़ी जब लॉकडाउन की वजह से सैलून बंद हो गए। आशा कहती हैं मेरी मां ने बचपन से हम भाई-बहनों की परवरिश के लिए कड़ी मेहनत की। लेकिन आज मैं इतनी बेबस हूं कि उ...

डेटिंग के दौरान इन ये 6 बातों का ध्यान रखें, सामने वाले पर रहेगा आपका अच्छा इंप्रेशन

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आज डेटिंग जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी है। किशोर से लेकर बड़ी उम्र तक के व्यक्ति डेट पर जाते हैं और जाना चाहते हैं। जानिए डेटिंग के दौरान किन बातों का ध्यान रखें, जिससे सामने वाले पर आपका इंप्रेशन अच्छा बन सके। 1. एक-दूसरे को समझें : आज हर कोई डेट पर जाने के लिए उत्सुक रहता है। डेटिंग के जरिए दो लोग आपस में एक-दूसरे को जानते और समझते हैं। डेटिंग ऐसी होनी चाहिए जिससे ये दिन अच्छा बीते और यादगार बन जाए। 2. बॉडी लैंग्वेज : कई बार बॉडी लैंग्वेज ही आपकी मन की बातों को बयां कर देती है। ऐसे में आपको सहज रहना बहुत जरूरी है। न तो बहुत उत्सा‍हित हों और न ही बहुत ज्यादा नर्वस। 3. ऑप्शन खुला रखें : डेटिंग कई बार सही जीवनसाथी के चुनाव के लिए की जाती है। डेटिंग हमेशा ऐसी हो कि दोबारा मुलाकात करने में दोनों तरफ से किसी को कोई परेशानी न हो। 4. पब्लिक प्लेस चुनें : पहली डेटिंग हमेशा पब्लिक प्लेस पर होनी चाहिए। जहां दोनों ही सहज बातचीत कर सकें। आपस में हिचकिचाहट कम होगी तो एक-दूसरे को ज्यादा समझ पाएंगे। 5. गप्प न मारें : गर्लफ्रेंड से डेटिंग के दौरान बहुत ज्यादा गप्प न मारें, इससे आपकी डेटिंग ब...

ज्यादा झगड़ों को कारण पार्टनर और आपके बीच आ रही है दूरियां तो ये 4 टिप्स आएंगी काम

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दो प्यार करने वालों के बीच भी कुछ कारणों से फासले आने लगते हैं। कई बार नोक-झोंक बढ़ जाती है। ऐसे में कुछ टिप्स आपकी मदद करेंगी। 1. समर्पण का भाव : समर्पण का मतलब अपने अहंकार का त्याग करना, जिसके समक्ष समर्पण किया है उसे कमियों के साथ स्वीकार करें। इससे पता चलता है कि आप एक-दूसरे को कितनी अहमियत देते हैं। समर्पण का मतलब यह भी नहीं कि आप उनके गलत व्यवहार को सहन करें। 2. भूलना सीखें : छोटी-छोटी बातों पर पार्टनर के साथ गुस्सा होने की जरूरत नहीं है, बल्कि छोटी बातों को भूलना सीखें। एक बार का गुस्सा और एक बार की हंसी आपके व्यवहार में बड़ा परिवर्तन लाते हैं। हंसी और मजाक से रिश्ते में हल्कापन महसूस होता है और समय के साथ मजबूती आती है। 3. अनबन नहीं : अपने रिश्ते में आई अनबन या किसी तरह की बात दूसरों के सामने न लाएं, इससे प्यार में दरार गहरी हो सकती है। इससे रिश्ते पर निगेटिव असर पड़ सकता है। झगड़े की वजह से बनी बनाई बात बिगड़ सकती है। आप जो चाहते हैं, झगड़े के दो शब्द वैसा होने से रोक देते हैं। 4. बुरे टाइम का साथ: जिंदगी में अच्छे-बुरे दिन तो आते-जाते ही रहते हैं। इसका मतलब यह नहीं क...

त्रिपुरा में हैंड क्राफ्टेड लीक प्रूफ बांस से बनी बॉटल्स बनाकर शिल्पकारों की सुधरी आर्थिक स्थिति, रवीना टंडन ने अपने ट्विटर अकाउंट से किया इसे प्रमोट 

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अगर बांस की खासियत के बारे में बात की जाए तो बांस की पैदावार के लिए किसी फर्टिलाइजर की जरूरत नहीं होती है। बांस से बनी हर चीज केमिकल फ्री होती है। इसीलिएपर्यावरण बचाने के नजरिये से इन दिनों बैंबू प्रोडक्ट की डिमांड जोरों पर है। बाहरी सतह बांस से बनी होती है बांस के महत्व को जानते हुएत्रिपुरा मेंप्रधानमंत्री वन धन योजना और नेशनल बैंबू मिशन स्कीम के तहत गांव वालों कोबैंबू प्रोडक्ट बनाने की ट्रेनिंगदी जा रही है। उनकी हस्तशिल्प कला का पता बांस की फैंसी वाटर बॉटल को देखकर लगायाजा सकता है। इन फैंसी बॉटल्स की बाहरी सतह बांस से बनी होती है। इसकी अंदर की सतह पर कॉपर लाइनिंग देखी जा सकतीहै। आजीविका चलाने का अन्य साधन नहीं दरअसल ये प्रोडक्ट उन आदिवासी लोगों और लोकल आर्टिजन के जीवन को सुधारने का एक प्रयास है जिनके पास अपनी आजीविका चलाने का कोई अन्य साधन नहीं है। इसके अलावा इको फ्रेंडली होने की वजह से इसका खास महत्व है। इसे प्लास्टिक का इस्तेमाल किए बिना बनाया जा रहा है।बॉटल को बनाने का काम शुरू करने से पहले इस बात पर रिसर्च की गई कि इन्हेंइंटरनेशल स्टैंडर्ड देने के लिए किस तरह मोल्ड किय...

अमेरिका की जेसी ने 841 किमी की स्पीड से दौड़ाई थी रेसिंग कार, हादसे में मौत के 10 माह बाद अब मिला सम्मान

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अमेरिका की चर्चित जेट कार रेसर जेसी कॉम्ब्स को मरणोपरांत दुनिया में सबसे तेज स्पीड से कार चलाने के रिकॉर्ड से नवाजा गया है। जेसी की मौत 27 अगस्त 2019 को ओरेगॉन के अल्वर्ड डेजर्ट में लैंड-स्पीड रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश के दौरान हुई थी। इस दौरान उनकी जेट पॉवर्ड कार ने 841 किमी प्रति घंटे की स्पीड को पार कर लिया था। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने गुरुवार को इस रिकॉर्ड को अधिकारिक रूप से शामिल करने की घोषणा की। 39 साल की जेसी ने 40 साल पहले अल्वर्ड केमरुस्थल में अपनी हमवतन किटी ओ नील के बनाए गए रिकॉर्ड को तोड़ा। किटी ने अपनी तीन पहियों वाली जेट कार से 1976 में 823 किमी प्रति घंटे की स्पीड का रिकॉर्ड बनाया था। जेसी जीत ही गई जेसी के रेसिंग पार्टनर रह चुके टैरी मैडेन ने इंस्टाग्राम पर अपनी भावुक पोस्ट में इस रिकॉर्ड की पुष्टि करते हुए कहा- ‘आखिरकार जेसी जीत ही गई, जिसके लिए उसने अपनी जान दी। कोई भी रिकॉर्ड उसके जज्बे से बड़ा नहीं हो सकता। यह ऐसा लक्ष्य था जिसे वह हमेशा पाना चाहती थी। मुझे मेरी साथी पर गर्व है।’ हमारे प्रयास का यह अंतिम अवसर था वह सुबह अलार्म बजने के साथ ही उठते हुए ब...

नेचरल स्किन केयर प्रोडक्ट ने बढ़ाया वेगन ब्यूटी ट्रेंड, इंडियन स्किन टोन को ध्यान में रखते हुए लॉन्च की जा रही ऐसे प्रोडक्ट्स की विशाल रेंज 

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दुनिया में ऐसे लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जो ऑर्गेनिक और वेगन ब्यूटी प्रोडक्ट्स अपना रहे हैं। दुनिया के अधिकांशखरीदारों की शॉपिंग लिस्ट में ऐसे सामानों को तेजी से जगह मिल रही है। केमिकल से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक लोगों का रुझान वेगन ब्यूटी प्रोडक्ट्स की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ऑर्गेनिक प्रोडक्ट की विशाल रेंज लॉन्च की लाइफ स्टाइल में वेगानिज्म और क्लीन ईटिंग को बढ़ावा देने वाले लोग ब्यूटी के वेगन ट्रेंड को अपनाने में सबसे आगे हैं। इस तरह के नैचरल स्किन केयर प्रोडक्ट उनकी जरूरत बनकर सामने आ रहे हैं। साउथ कोरियन ब्यूटी ब्रांड जेजुंदई ने ऑर्गेनिक प्रोडक्ट की विशाल रेंज लॉन्च की है। त्वचा की अतिरिक्त देखभाल जरूरी इसमें एंटी एजिंग रिच क्रीम फेस सिरम, मॉइश्चुराइजर, स्प्रे, फेस मास्क सीरम, फेस वाश, बॉडी/फेस लाइट क्रीम शामिल है। वैसे भी मानसून में हमारे त्वचा को देखभाल की ज्यादा जरूरत होती है। इस मौसम में होने वाली उमस और प्रदूषण को देखते हुए त्वचा की अतिरिक्त देखभाल जरूरी है। वीगन ब्यूटी प्रोडक्ट्स में पाए जाने वाले विटामिंस और मिनरल्स त्वचा में आसानी से अवशोषित हो जा...

कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए एंटी कोरोना वायरस फैब्रिक हुआ लॉन्च, एलिगेंट लुक देने में भी रहेगा आगे

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अगर एक ऐसा फैब्रिक मार्केट में आ जाए जो आपको कोरोना के इफेक्ट से बचाने के साथ ही स्टाइलिश भी दिखा सके तो इससे अच्छा और क्या हो सकता है। आपकी जरूरतों का ध्यान रखते हुए सियाराम ने एंटी कोरोना वायरसफैब्रिक को डिफरेंट कलर्स,डिजाइन और टेक्सचर में लॉन्च किया है। सियाराम का दावा है कि इस फैब्रिक को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन द्वारा अप्रूव्ड लैब में टेस्ट किया गया है। इसे आसानी से पहना जा सकता है इस फैब्रिक को 25 साल से हेल्थ केयर की दिशा में काम कर रहींऑस्ट्रेलिया की कंपनी के एसोसएशन से डेवलप किया है। इसे नैचरल और बायोडिग्रेडेबल मटेरियल से बनाया गया है। ये फैब्रिक काफी सॉफ्ट है जोपहनने के बाद आरामदायक रहता है। कंफर्टनेस की वजह से इसे लंबे समय तक आसानी से पहना जा सकता है। येप्रयास भीसफल हो सकता है सियाराम सिल्क मिल्स लिमिटेड के सीएमडी रमेश पोद्दार के अनुसार हमारा 90% शरीर कपड़ों से ढका होता है। सबसे ज्यादा वायरस हमारे कपड़ों पर ही चिपकते हैं जिससे इंफेक्शन की आशंका अधिक होती है। ऐसे में जब हम कोरोना के इंफेक्शन से बचने के लिए लगातार सेनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं, सोशल डिस्टेस्टिंग को म...

कोरोना काल में हेल्दी व बैलेंस्ड डाइट बनी पसंद, रेस्टोरेंट में ऑर्डर हो रहीं थाई डिशेज और यूरोपियन ब्रेड

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इस साल मानसून का क्रेज कुछ नए अंदाज में नजर आ रहा है। कोरोना के डर से मानसून में तली-भुनी पारंपरिक रेसिपीज की जगह हेल्दी व बैलेंस्ड डाइट का ट्रेंड आ गया है।आजकल नॉर्मल कॉफी की जगह चारकोल कॉफी, खाने में ढेर सारी सब्जियों से बनी थाई करी, नॉन-वेज की जगह वीगन मॉक मीट, रोटियों की जगह सारडो ब्रेड और मीठे में फ्रेश शॉर्ट डेजर्ट ने ले ली है। फ्रेश शॉर्ट डेजर्ट ऑर्डर हो रहे हैं पोलैंड की ज्यूइश कम्युनिटी ने बब्का ब्रेड बनाने की शुरुआत की। आजकल बन रहीब्रेड में दालचीनी व चॉकलेट जैसे पारंपरिक इंग्रीडिएंट्स के साथ पीनट बटर व किशमिश को भी जोड़ा गया है। साथ ही रेस्टोरेंट मेंकेक से ज्यादा फ्रेश शॉर्ट डेजर्ट ऑर्डर हो रहे हैं। जाे जीरो प्रिजर्वेटिव से बनते हैं। प्लांट बेस्ड डाइट में थाई डिशेज नई पसंद कोरोना इन्फेक्शन केडर सेप्लांट बेस्ड डिशेज की डिमांड पहले से करीब 40 प्रतिशत तक बढ़ी है। इस तरह की डाइट में एनिमल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि सारे एलिमेंट्स प्लांट्स से आते हैं। इसमें डेयरी प्रोडक्ट्स भी उपयोग में नहीं लिए जाते। इस डाइट को फॉलो करने वालाें का रुझान थाई डिशेज में बढ़ा ...