लघुकथाएं:दादी मां ने हर ज़िम्मेदारी को बख़ूबी निभाया लेकिन अब समय था अपने लिए जीने का और रिटायरमेंट के बाद रिश्ते फीके पड़ने लगते हैं, लेकिन समझने की बात यह है कि काम नहीं इंसान अहम होता है



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