क्लिक-क्लिक कर दिमाग़ चले:स्क्रीन से नज़र हटाकर दिमाग को क्लिक करें और देखें कि इसकी गति कितनी तेज़ है, इससे बच्चों को भी नई राह मिलेगी

बढ़े हुए स्क्रीन टाइम से परेशानी बहुत देख ली। क्या बड़े, क्या बच्चे, सबकी दुनिया द्विआयामी हो गई।,मशीन के ज़रिए बुद्धिमत्ता दिखाने और पहचान बनाने के प्रयास में सब जुटे हैं, लेकिन संतुष्टि नहीं मिलती- ना कोई गेम जीतने में, ना किसी तस्वीर या पोस्ट को डालकर।,क्लिक-क्लिक को उंगलियों की पोरों से हटाकर, दिनचर्या में बदलाव लाने की दिमाग़ी गतिविधियों में डालें, फिर देखें कि हालात कैसे नहीं बदलते!

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