गर बीत रहा है, तो थमा कैसे!:बीते हुए वक्त की चिंता छोड़ें, वर्तमान और भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास करें

समय को ग़ौर से देखिए... इसके पंखों तले सुनहरा उजाला है।,डेढ़ साल से जीवन को, समय को हम थमा, ठहरा हुआ मान रहे हैं, उसमें रवानी है। तभी तो बीत रहा है।,उसे यूं ही बीतने ना दें। ध्यान दें कि इसमें क्या सार्थक कर सकते हैं...

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