लघुकथा:घर के हिस्से तो आसानी से किए जा सकते हैं, लेकिन जिस घर में बचपन बीता हो उसके हिस्से करके कैसे ख़ुश रहा जा सकता है

जिस घर में बचपन गुज़ारा हो, उसका कौन-सा हिस्सा बेचकर, ‘अपना हिस्सा’ पाने का सुख मिल सकता है?

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