आमुख:कैसे कहें कि तुम्हारे दुख में हम शामिल हैं?

कोविड ने बिछोड़ की पीड़ा को बहुत तीखा और असहनीय बनाया है।,ना बीमार की तीमारदारी कर सकते हैं, ना मिलने जा सकते हैं, ना किसी के दुनिया छोड़ देने पर उसे देख सकते हैं, ना वो शोक में संबल देने वाली बैठकें हो सकती हैं।,बस, फोन है, जिस पर सांत्वना देनी है। कैसे दें? क्या कहें कि दुखी मन को थोड़ा चैन आए?

from वीमेन | दैनिक भास्कर https://ift.tt/344qxDE

https://ift.tt/eA8V8J

Comments