कहानी:लॉकडाउन और बढ़ते कोरोना के कारण राधिका परेशान तो थी लेकिन उससे कहीं ज़्यादा फ़िक्र उसे उन तीन लोगों की हो रही थी, आख़िर कौन थे वो लोग...?

वक़्त की मार ऐसी पड़ी है कि अगर कोई फोन ना उठाए, किसी की सूचना ना मिले, तो मन अकुलाता ही रहता है।,अच्छाइयां, ख़ूबियां, मजबूरियां सब याद आने लगती हैं। सारी झल्लाहटें हवा हो जाती हैं, मन दुआ करता है कि सब ठीक हो।

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