कहानी:समाज के डर से कई बार चाहकर भी मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ा पाते हैं, लेकिन इस डर से पीछे हटना जीवनभर की टीस दे सकता है
लोगों के डर ने किसी को आसरा देने से रोक दिया। चार फ़िज़ूल की बातें करने वाले क्या किसी की मदद करने से ज़्यादा अहम हो सकते हैं?,जब बाहर अपने लिए हालात मुश्किल थे, तो किसी और के लिए भी तो होते, यह तब ध्यान क्यों नहीं आया?
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