बोधकथा:जब फकीर का विवाह राजा की पुत्री से हुआ, तो उसने किस तरह फकीर को वैरागी का अर्थ समझाया, पढ़ें यह रोचक बोधकथा
अपनी ओर से प्रयास और मेहनत कर रोटी कमा लेना काफ़ी है। उसका संचय करना वाला सांसारिक है, वैरागी नहीं।
from वीमेन | दैनिक भास्कर https://ift.tt/3gyQt1I
https://ift.tt/eA8V8J
from वीमेन | दैनिक भास्कर https://ift.tt/3gyQt1I
https://ift.tt/eA8V8J
Comments
Post a Comment
https://draftingofgovernmentletters.blogspot.com/
https://gazabpostinindianblogger.blogspot.com