कहानी:आनंदिता ने अपने स्नेह और प्रेम से दो टूटे परिवारों को मिला दिया था, सालों के मनमुटाव को भी पलभर में दूर कर दिया था...
आनंदिता नई थी, नहीं जानती थी कि जिनके किस्से उसका पति उसे सुनाता रहता है, उस परिवार से रिश्ते मौजूदा हाल में कैसे हैं। उसके पति ने केवल मिठास साझा की, तो वही बनी भी रही।
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