युवमन:टीनएज बच्चों को लगता है परिवार के लोग उन्हें डांटते हैं या उनसे अच्छा व्यवहार नहीं करते वहीं बड़ों को लगता है बच्चे की तुलना करने से वो समझ जाएगा या पढ़ने लगेगा, जबकि ऐसा नहीं है, इस लेख के माध्यम से जानिए
प्रश्न जब टीनएज बच्चे घर पर बात ना सुनें, या बार-बार ज़िद करें, तो उन्हें डांटते रहना चाहिए, 24 घंटे, चिल्लाना चाहिए? क्योंकि हमारे घर पर ऐसा ही होता है। हर रोज़ दूसरों के साथ तुलना करते हैं, कमियां निकालते हैं। अगर सामने से कोई जवाब दे, तो बुरा लगता है उन्हें। रोज़ घर पर माहौल ख़राब होता है। कुछ भी ढंग से नहीं हो पाता। जब मेरे पैरेंट्स इस लेख को पढ़ेंगे, तो उन्हें समझ आएगी। बहुत मदद हो जाएगी। — आरू एस
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